
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 24 वर्षीय विवाहिता निक्की भाटी की जलकर मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। निक्की के मायके वालों का आरोप है कि उसे दहेज के लिए जलाकर मारा गया, जबकि डॉक्टरों के सामने उसके खुद के बयान ने मामले को उलझा दिया है।
मौत का दिन: ‘सिलेंडर फट गया’
निक्की को ससुरालवालों द्वारा जलाने के बाद फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों को दिए बयान में निक्की ने कहा:
“मैं घर में सिलेंडर फटने से जल गई हूं…”
डॉक्टरों ने इसी बयान के आधार पर पुलिस को सूचना दी और मेमो थाने भेजा। इस बयान ने पुलिस जांच की दिशा ही बदल दी है।
केस की गुत्थी: झूठ क्यों बोला?
अब बड़ा सवाल यह है कि:
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अगर निक्की को दहेज के लिए जलाया गया, तो उसने डॉक्टर को झूठ क्यों बताया?
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क्या वह किसी दबाव में थी?
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या उसे उम्मीद थी कि झूठ बोलने से ज़िंदगी बच जाएगी?
पुलिस के लिए ये सवाल अब पहेली बन चुके हैं।
परिवार का आरोप: ‘दहेज की खातिर मारी गई हमारी बेटी’
निक्की की बड़ी बहन कंचन भाटी और पिता भिखारी सिंह ने आरोप लगाया कि:
“निक्की को उसके पति विपिन भाटी, सास-ससुर और जेठ मिलकर दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। आखिरकार उन्होंने उसे मार ही डाला।”
सबूतों की जांच: थिनर, चप्पल और लाइटर
फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से मिले अहम सुराग:
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थिनर की बोतल
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लाइटर
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एक जोड़ी चप्पल
इन पर फिंगरप्रिंट लिए जा चुके हैं, और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत दुर्घटना थी या हत्या।
क्या कहती है पुलिस?
ग्रेटर नोएडा पुलिस के मुताबिक:
“हर एंगल से जांच की जा रही है। डॉक्टरों के बयान केस में अहम भूमिका निभाएंगे। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।”
निक्की की भाभी का बयान
निक्की की भाभी मीनाक्षी ने भी कुछ ऐसे बयान दिए हैं, जिससे केस में नया एंगल खुल सकता है। हालांकि मीडिया को अभी तक यह बयान आधिकारिक रूप से नहीं सौंपा गया है, लेकिन पुलिस की फाइल में यह एक बड़ा क्लू माना जा रहा है।
निक्की भाटी की मौत केवल एक और “दहेज केस” नहीं है, बल्कि यह उन हज़ारों महिलाओं की आवाज़ है जो या तो दबा दी जाती हैं या डर के मारे सच नहीं बोल पातीं। अब यह जिम्मेदारी पुलिस और न्याय व्यवस्था की है कि सच सामने लाया जाए, चाहे वह कितना भी जटिल क्यों न हो।
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